PrabhuPuja | अपडेट: 31 अक्टूबर 2026
इस बार दीपावली को लेकर कई लोगों में तारीखों का भ्रम है। एकादशी, द्वादशी, धनतेरस, छोटी दिवाली और मुख्य दीपावली अलग-अलग दिन पड़ रही हैं और तिथियां दो तारीखों में बंटी हैं। इस लेख में भारत के लिए रमा एकादशी से दीपावली तक का पूरा क्रम एक ही जगह दिया गया है।
दिवाली 2026 का पूरा क्रम – एक नज़र में
| तारीख | वार | पर्व |
|---|---|---|
| 5 नवंबर | गुरुवार | रमा एकादशी व्रत और गोवत्स द्वादशी (वसु बारस) |
| 6 नवंबर | शुक्रवार | धनतेरस, धन्वंतरि पूजन, यम दीपदान, एकादशी पारण (सुबह) |
| 7 नवंबर | शनिवार | रूप चतुर्दशी / काली चौदस (महाकाली और हनुमान उपासना की रात) |
| 8 नवंबर | रविवार | नरक चतुर्दशी का अभ्यंग स्नान (सुबह) और मुख्य दीपावली, लक्ष्मी पूजन |
ध्यान दें: यह क्रम भारत के पंचांग के अनुसार है। विदेशों में कई जगह तिथियां एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं। जिस शहर में हैं, वहां का पंचांग ज़रूर देखें। नीचे दिए समय दिल्ली-NCR के संदर्भ में हैं और आपके शहर में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
5 नवंबर (गुरुवार): रमा एकादशी और गोवत्स द्वादशी
रमा एकादशी
- एकादशी तिथि 4 नवंबर, बुधवार को सुबह 11:04 बजे शुरू होती है और 5 नवंबर, गुरुवार को सुबह 10:35 बजे तक रहती है।
- दशमी से युक्त एकादशी का व्रत नहीं किया जाता, इसलिए व्रत 5 नवंबर, गुरुवार को रखा जाएगा।
- पारण का समय: 6 नवंबर, शुक्रवार, सुबह 6:37 से 8:48 बजे तक।
गोवत्स द्वादशी (वसु बारस)
- द्वादशी तिथि 5 नवंबर को सुबह 10:35 बजे शुरू होकर 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे तक रहती है।
- इस दिन गाय और बछड़े का पूजन किया जाता है।
- द्वादशी का दीपदान सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में करें। यह भी 5 नवंबर की शाम को ही है।
6 नवंबर (शुक्रवार): धनतेरस
इस वर्ष धनतेरस को लेकर सबसे ज़्यादा उलझन है कि 6 को मनाएं या 7 को। भारत में धनत्रयोदशी 6 नवंबर, शुक्रवार को है।
| विवरण | समय |
|---|---|
| त्रयोदशी तिथि शुरू | 6 नवंबर, सुबह 10:30 बजे |
| त्रयोदशी तिथि समाप्त | 7 नवंबर, सुबह 10:49 बजे |
| धनतेरस पूजा (प्रदोष काल) | शाम 6:02 से 7:57 बजे तक |
| यम दीपदान | शाम 6:02 से रात 10:24 बजे तक |
इस दिन क्या करें
- शाम को प्रदोष काल में भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा करें।
- मुहूर्त का मतलब यह नहीं कि पूरे दिन श्री यंत्र या लक्ष्मी पूजन नहीं हो सकता। निर्धारित समय सबसे शुभ माना जाता है, लेकिन पूजा-पाठ दिनभर किया जा सकता है।
- सूर्यास्त के बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यम के नाम का दीपक जलाएं।
- इस बार धनतेरस शुक्रवार को है, जो लक्ष्मी उपासना का दिन माना जाता है।
7 नवंबर (शनिवार): रूप चतुर्दशी / काली चौदस
| विवरण | समय |
|---|---|
| चतुर्दशी तिथि शुरू | 7 नवंबर, सुबह 10:49 बजे |
| चतुर्दशी तिथि समाप्त | 8 नवंबर, सुबह 11:32 बजे |
| निशीथ काल (साधना का समय) | रात 11:39 से 12:31 बजे तक |
- यह दिन शनिवार को पड़ रहा है, इसलिए हनुमान जी और महाकाली की उपासना के लिए विशेष माना गया है।
- शास्त्रों में चार रात्रियों में काल रात्रि को श्रेष्ठ कहा गया है, जिसका संबंध काली चौदस से है।
- मान्यता है कि निशीथ काल में की गई साधना विशेष फल देती है।
8 नवंबर (रविवार): अभ्यंग स्नान और दीपावली
अभ्यंग स्नान
- दीपावली या नरक चतुर्दशी का अभ्यंग स्नान 8 नवंबर की सुबह 5:07 से 6:38 बजे तक किया जा सकता है।
दीपावली कब मनाएं?
- भारत में दीपावली रविवार, 8 नवंबर को मनाई जाएगी।
- अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11:32 बजे शुरू होकर 9 नवंबर, सोमवार को दोपहर 12:41 बजे तक रहती है।
- इसलिए 9 नवंबर को दीपावली मनाने की ज़रूरत नहीं है।
- 8 नवंबर को सूर्योदय के बाद दिन में भी चौपड़ा पूजन, लक्ष्मी पूजन और कुबेर पूजन किया जा सकता है, लेकिन सबसे शुभ समय शाम का प्रदोष काल है।
लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त (दिल्ली)
| विवरण | समय |
|---|---|
| प्रदोष काल | शाम 5:31 से 8:09 बजे तक |
| लक्ष्मी पूजा का सबसे शुभ समय (प्रदोष + वृषभ लग्न) | शाम 5:54 से 7:50 बजे तक |
इसी समय में लक्ष्मी-गणेश पूजन, चौपड़ा पूजन, कुबेर पूजन, श्री यंत्र और कनकधारा यंत्र की पूजा की जा सकती है।
किस दिन क्या करें – सार
- 5 नवंबर: रमा एकादशी का व्रत, गौ-बछड़े की पूजा, शाम को दीपदान
- 6 नवंबर: शाम को धन्वंतरि-लक्ष्मी-कुबेर पूजन, यम दीपदान
- 7 नवंबर: हनुमान जी और काली उपासना, निशीथ काल की साधना
- 8 नवंबर: सुबह अभ्यंग स्नान, शाम को लक्ष्मी-गणेश पूजन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
दिवाली 2026 कब है?
भारत में दीपावली रविवार, 8 नवंबर 2026 को है।
धनतेरस 2026 कब है?
धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। पूजा का शुभ समय दिल्ली में शाम 6:02 से 7:57 बजे तक है।
रमा एकादशी का व्रत कब रखें?
व्रत 5 नवंबर, गुरुवार को रखें और 6 नवंबर को सुबह 6:37 से 8:48 बजे के बीच पारण करें।
काली चौदस कब है?
काली चौदस (रूप चतुर्दशी) 7 नवंबर, शनिवार को है। अभ्यंग स्नान 8 नवंबर की सुबह होता है।
क्या 9 नवंबर को दीपावली मनाई जा सकती है?
भारत के पंचांग के अनुसार मुख्य लक्ष्मी पूजन 8 नवंबर की शाम को है। अमावस्या 9 नवंबर की दोपहर तक रहती है, लेकिन पूजन प्रदोष काल में होता है।
क्या मुहूर्त के बाहर पूजा नहीं हो सकती?
लक्ष्मी पूजन का सबसे शुभ समय प्रदोष काल है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि बाकी समय पूजा-पाठ वर्जित है। श्रद्धा और नियम के साथ की गई पूजा फलदायी मानी जाती है।








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